Shri Narmadeshwar Mahadev Mandir
अन्नदान क्या है?
सनातन धर्म में “अन्नदान” को सर्वोच्च दान माना गया है। वेदों, उपनिषदों, पुराणों और महाभारत—सभी में अन्नदान को पुण्य का सबसे श्रेष्ठ रूप बताया गया है, क्योंकि यह सीधे किसी जीव की भूख मिटाकर उसके जीवन की रक्षा करता है।
भूखा व्यक्ति धर्म, भक्ति, ज्ञान—कुछ भी नहीं कर सकता। पहले पेट भरता है, तभी मन स्थिर होता है।
